|
Rahul Gandhi Sidhauli, Sitapur (UP) 26th December 2011 |
PDF
|
| Print |
|
E-mail
|
|
Tuesday, 27 December 2011 |
|
राहुल गांधी का
भाषण—सिघौली,सीतापुर (यूपी)
राहुल गांधी ने
वहा उपस्थित सभी नेताओ, कांग्रेस कार्यकर्ताओ और उपस्थित लोगो का
स्वागत और नमस्कार करके अपने भाषण का शुरु किया....उन्होंने कहा कि भईया अभी आपने
मांग की स्पीच शुरु करने से पहले मैं कुछ कहना चाहता हूं आपने मांग की पॉवर स्टेशन
होना चाहिए....सिघौली में बिजली का सिस्टम ठप है....मैं आपको बताना चाहता
हूं....कि पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली का सिस्टम पट है....पूरे उत्तर प्रदेश में
जो मुश्किल यहा है पूरे उत्तर प्रदेश में है......उन्होंने कहा 2004 से दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की सरकार
है.....यूपीए की सरकार और उस सरकार को आप लाए है...उस
सरकार को आप चुन कर लाए है....हमने आपसे सिर्फ एक वायदा किया था....बाकी पार्टीयां 10-15-20-50 वायदे करती है....समाजवादी आती है 10 वायदे करती है....चली जाती है....बीएसपी आती है
10-15 वायदे करती है चली जाती है.....आपको कांग्रेस पार्टी की अभी यूपी में आदत
नहीं है....हमने 2004 में आपसे सिर्फ एक वायदा किया हम ज्यादा वायदे नहीं करते है
सिर्फ एक वायदा किया था......वायदा था कि अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार आएंगी तो
वो आम आदमी की ...पिछड़ो की....दलितों की....आदिवासियों की
अल्पसंख्यकों की मजदूरों की ....किसानों की जो हमारे समाज में कमजोर लोग
है...जो गरीब लोग है...उनकी सरकार बनेगी और हमारे विपक्षी दलों ने क्या कहा...उन्होंने कहा इंडिया शाइनिंग 2004 में उन्होंने
नारा दिया...हिंन्दुस्तान चमक रहा है और उन्होंने आपसे कहा.... ...किसी पत्रकार ने उनसे पूछा की भईया यह
नारा आपको कहा से मिला...अंग्रेजी में नारा कहा से खोज के लाए आप....उनके एक सीनियर नेता ने कहा कि एक दिन हम
टीवी देख रहे थे और वहां हमें एक सूट का इतिश्हार दिखा
वहा से यह नारा मिला....और हमने यह नारा चलाया और जब उन्होंने यह नारा
चलाया.....आपने अपने घरों में देखा गांव में आप बैठे थे.....आपने अपने घर में देखा
वहा बिजली नहीं है....बल्व नहीं था सड़के नहीं थी.....और आपने पूछा की भईया यह
इंडिया शाइनिंग क्या है....क्या है यह इंडिया शाइनिंग....हमें चाहिए आम आदमी की
सरकार.... और आपने उनको भगा दिया...हम आए 2004 में और पहला काम हमने
किया....मनरेगा...हमने कहा देखो बड़े-बड़े शहरो में आसानी से रोजगार मिलता है .....अमीर लोग होते है उनको आसानी से रोजगार मिलता है ....क्यो न हम गांव में रोजगार पहुंचाए...जहां हमारी सच्ची गरीब
जनता बैठी है....क्यो न हम उनकी मदद करें...और रोजगार वहां पहुंचाए...क्यो न हम
उनको रोजगार का अधिकार दें.....क्योकि हमने अधिकार की बात करनी शुरु की.....क्यो न
हम गरीब को अधिकार दें....पहले गरीब का अधिकार नहीं हुआ करता था....विकास की बात
होती थी मगर अधिकार की बात नहीं होती थी...हमने कहा गरीब को हम अधिकार देंगे
रोजगार का अधिकार देंगे.... दुनिया का सबसे बड़ा रोजगार प्रोग्राम गारंटी रोजगार
योजना हमने चालू किया....सौ दिन 120 रुपए प्रतिदिन जो भी मजदूर मजदूरी करना चाहता
है.....जो भी अपने देश के लिए पसीना देना चाहता है हम उसको गांरटी करके रोजगार
देंगे...आपकी मुख्यमंत्री जी ने क्या कहा.....ऐसे ही एक मंच से मायावती जी ने
स्पीच दी....9 अक्टूबर 2007 जाकर अखबार देख लीजिए पुराने....ऐसी स्पीच में उन्होंने कहा कि मनरेगा का क्या फायदा है.....किसी को फायदा नहीं होगा मनरेगा बेकार प्रोग्राम
है.....रोजगार के हक से किसी को फायदा नहीं होगा....आप जाइए....असम जाइए....आंध्रा जाइए....हरियाणा जाइए.....केरल
जाएइ....महाराष्ट्र जाइए....राजस्थान जाइए....जहां हमारी सरकारे चलती है....गांव
में जाइए पूछिए रोजगार योजना से क्या होता है.....क्या फायदा मिलता है गरीब से
गरीब व्यक्ति आपको बताएंगा....पहली बार हमें अधिकार मिला रोजगार का...पहली बार
हमें हमें इज्जत मिलीं....सरकार ने मदद की और आपकी मुख्यमंत्री यहा बैठ कर कहती
है....किसी को फायदा नहीं होगा....सही कहा यूपी में किसी को फायदा नहीं होता
है.....उनके मंत्रियों का जरुर फायदा हुआ उनका जो जादू का हाथी है जो लखनऊ में
बैठता है.....सारा जो गरीबों का पैसा खा गया है.....उसे उन्होंने संभाल के रखा हुआ है.....सरकारी ऑफिस में बैठा हुआ
है वो....वो जो आपका पैसा खाता है उस हाथी का बहुत फायादा
हुआ है.....हां आप जानते हो जादू का हाथी है.....आमतौर पर क्या होता है हाथी सड़क पर चलते है पत्ते खाते है घास खाते है....इन्होंने जादू का बनाया है यह गरीबों का
पैसा खाता है....हम गरीबो के अधिकार की बात कर रहें
है....भईया रोजगार की गारंटी देते है और बीएसपी का हाथी भी एक गारंटी देता
है....जहां भी पैसा है गरीबो का पैसा है हाथी की गारंटी है मैं खा
जाऊगां.....रोजगार के अधिकार के बाद हमने कहा जो मिनिस्टर लोग होते है.....एमपी
होते है...ब्यूरोक्रेट होते है अधिकारी होते उनको सूचना आसानी से मिल जाती
है.....अगर मैं किसी जानकारी चाहता हूं तो संसद में मुझे जानकारी एकदम मिल जाती
है.....मगर आम आदमी की सूचना का अधिकार नहीं था....अगर आप अपनी सरकार के बारें में
कोई सवाल पूछना चाहते हो नहीं पूछ सकते थे....यूपीए की सरकार ने क्या किया....पहली
बार सूचना का अधिकार दिया आपको क्या फायदा मिला....जो पहले भ्रष्टाचार छुपा रहता
था...वो बाहर आया....मिनिस्टर जेल में है आज क्यों...क्योंकि हम सूचना का अधिकार
लाएं.....आपको अधिकार दिया सूचना का और आपने इसका प्रयोग किया.....इसके बाद
किसानों की बात आई....यूपी में क्या होता है किसानो की जमीन छीनी जाती
है.....टप्पल में जाइए और भट्टा-पारसौल में जाइए...पूछिए किसानो से क्या हुआ वो
आपको बताएंगे....हमारी जमीन छीनी जा रही है सरकार ने जमीन छीनने की कोशिश
की.....हमने सिर्फ अपना हक मांगा कि भईया अमीर लोग जब अपनी जमीन बेंचते है तो
उन्हे मार्केट रेट मिलता है.....यह हमारी जमीन है हमारा खून पसीना है....इससे हमें
भोजन मिलता है इससे हमें आमदनी मिलती है.....सही रेट दीजिए सही रेट मांगी गोली
मारी गई.....महिलाओं पर अत्याचार हुआ आपकी मुख्यमंत्री वहा नहीं गई....मुलायम सिंह
यादव जी वहा नहीं गए....मैं गया अपनी आंखो से देखा....बात की उनसे और संसद में
किसनों का अधिकार बिल रखा की आइंदा अगर किसनों की जमीन अगर सरकार ले तो सही रेट पर
ले किसानो को इज्जत दें.....क्योंकि किसान हमारे लिए काम करता है....देश के लिए
काम करता है...उसके बाद 60,000
करोड़ रुपए किसानो को दिए कहा कि पूरे दिन धूप में काम करते हो बैंक के दरवाजें
बंद थे खोलें...कर्जा माफ किया 60,000 करोड़ रुपए आपको
दिए.....और इस भीड़ में किसान बैठे है उनको फायदा हुआ है....तो हम गरीब लोगो कि
लिए काम करते है सूचना का अधिकार दिया.....रोजगार दिया.....शिक्षा का अधिकार
दिया....और अब दुनिया का सबसे बड़ा काम करने वाले है....भोजन के अधिकार का
प्रोग्राम भारत में शुरु होने जा रहा है....कौन ला रहा है हम ला रहे और हम क्या कह
रहें है.....क्यो कह रहे है हम 35 किलों भोजन हर परिवार को....हर गरीब परिवार को
35 किलों भोजन हम देंगे....और आपकी मुख्यमंत्री ने क्या कहा वो तैयारी कर रही
है....उन्होंने क्या कहा...दो दिन में उन्होंने कहा जैसे मनरेगा में कहा था....कि
भईया भोजन के अधिकार से किसी को फायदा नहीं मिलेंगा किस चीज की तैयारी कर रही
है....हाथी की तैयारी कर रही है उसको पीछे छुपा रखा है हाथी कह रहा है
भईया.....हजारों करोड़ रुपए भोजन के अधिकार में आएगा....हाथी ले जाएगा....हमारी
कोशिश होती है हम वायदे कम करें....नियत साफ है एक वायदा करते है हम कि भईया आम
आदमी की सरकार चलाएंगे...गरीबो की सरकार चलाएंगे...पिछड़ो की....दलितों
की....आदिवासियों की....अल्पसंख्यकों की....हर जात के लोगो की....बाकी आप हमारे
ऊपर छोडिए....हमारी नियत पर छोड़िए हमारे काम पर छोड़िए....यह हम कहते है....आपने
देखा है 2004 से हम लगे हुए है हमारे सब प्रोग्राम....गरीबों को शक्ति देने के
प्रोग्राम होते है और जब हम यह प्रोग्राम लाते है....विपक्ष क्या कहता है पैसा कहा
से आएगा...मनरेगा लाए पैसा कहा से आएंगा....भोजन का अधिकार लाए पैसा कहा से
आएंगा....किसानो की मदद की पैसा कहा से आएंगा....हमने दिखाया पैसा कहा से आएंगा
कोई कमी नहीं है आज पैसे की हिंन्दुस्तान में कोई कमी नहीं है.....जब तक इस देश में
गरीब है....तब तक यह देश चमक नहीं सकता जब तक इस देश में एक गरीब है....तब तक यह
देश नहीं चमकेंगा....और उस दिन तक हम गरीब लोगो की पिछड़ो की मदद करेंगे.....अब
कमी क्या है यूपी में मैने आपको थोड़ा यूपीए के बारे में बताया....अब मैं यूपी की
कमी के बारें में बताना चाहता हूं....आपके पास जो नेता है वो आपके पास में नहीं
आते....पहले मुलायम सिंह यादव जी जमीनी नेता थे.....और वो आपके बीच में जाते थे
आज....समय बदल गया है आज आपके जो नेता है आपके बीच में नहीं आते है.....उदाहरण
देता हूं....क्या होता है इससे कुछ समय पहले दौरा था मेरा गाड़ी में मैं जा रहा था....एक अस्पताल दिखाई दिया और उसकी पुताई
हो रही थी....मैं उतरा मैने उनसे पूछा भईया यह
क्या हो रहा है....पुताई कर रहे हो मैं जाकर देख सकता हूं अंदर....हा जी आप एमपी हो आपको नहीं रोक सकते आप जाइए अंदर...मैने सोचा यहा पर डॉक्टर होगे बात करता हूं
उनसे....पूछता हूं यूपी के अस्पतालों की हालत....अंदर गया
डॉक्टर नहीं मिला....मैन कहा अजीब सी बात है डॉक्टर नहीं है....नर्स नहीं मिली....मरीज होगा....मरीज भी नहीं मिला....अंदर कुत्ते घूम रहे उस अस्पताल में 4-5.....मैं बाहर आया मैने उनसे कहा भईया यह क्या हो रहा है....यह किसको बेवकूफ बना
रहे हो आप....सारी जनता जानती है अंदर कुत्ते घूम रहे है
अस्पताल में....डॉक्टर नहीं है....पेशेंट नहीं है....नर्स नहीं है....कर क्या रहे हो यह पुताई जो कर रहे हो किस के लिए कर रहे हो.....एक सेंकड में उनसे जवाब दिया
राहुल जी वो आपको वहा पर दिखाई दे रहा
है.....हैलीपेड.....हां दिखाई दे रहा है.....वहा से हमने सड़क बनाई है चमकती हुई......500 गज की हां दिखाई दे रही है.....वहा पर आने वाले दो तीन दिनों में मायावती जी उतरेगी की
हेलीकॉप्टर से....उस हेलीकॉप्टर से
उतरेगी वो और फिर वो गाड़ी से यहा आएगी....सड़क पर उनकी गाड़ी चलेगी और फिर वो अस्पताल में आएगी.....अस्पताल में
हमने पुताई कर रखी है अस्पताल को चमका रखा है वो अस्पताल को
देखेगी.....उनको बहुत अच्छा लगेगा और फिर वो वापस चली जाएगी.....हमारा ट्रांसफर नहीं होगा.....इस प्रकार से आपकी सरकार चल रही है....अब देखिए बुंदेलखंड में
सूखा पड़ा हुआ था....बुंदेलखंड रो रहा था....महिलाएं रो रही थी गांव के गांव बंद
पड़े हुए थे.....पलायन हो गया सब भाग गए मैं वहा पर गया...मायावती जी वहा पर एक
बार नहीं गई वहा पर उन्होने एक बार भी अपनी आंखो से नहीं देखा.....दुख का क्या
मतलब होता है गरीबी क्या मतलब होता है एक बार नहीं देखा....मैने उठाया मायावती जी
सीएम है....जाना चाहिए नहीं गई....आपके बीच में नहीं आती मैं जाता हूं......गांव
में जाता हूं आपके घरों में भोजन खाता हूं....आपके कुओं में गंदा पानी होता
है....मुझे दिखता है भईया पानी गंदा है और कभी-कभी लोग मुझे पानी देते है और मैं
पी जाता हूं....बीमार हो जाऊगां ठीक है....कोई फर्क नहीं पड़ता दो-तीन दिन बीमार
होऊगां न....मगर फिर समझ में आ जाएंगा की गरीबों को क्या करना पड़ता है.....रोज वो
गंदा पानी पीओं और रोज बीमार हो....हमें भी पता लगना चाहिए आपके नेताओं को पता
लगना चाहिए....पीआ है मायावती जी ने गंदा पानी पिछले पांच सालों में पीआ.....पीआ
है कभी गई है गांव में कभी....कैसे मालूम होगा उनको गरीबों के बारे में....गांव
में सड़कें देखी है उन्होंने....रात को सोई है गांव में जब बिजली होनी चाहिए....जब
मच्छर काटते है....मैं भी हेलीकॉप्टर में घूमा हूं....ऊपर से सब अच्छा लगता
है.....कि भईया यह तो सब चमक रहा है....ऐसे ही बनते है इंडिया शाइनिंग के ऊपर से
सब चमक रहा दिखता है....हिंन्दुस्तान शाइनिंग के.....हिंन्दुस्तान चमक रहा
है....पूरा हिंन्दुस्तान कह रहा है भईया बिजली नहीं है....पानी नहीं है....जा रहे
है आप बाकी प्रदेशों में जा रहे है....हाथ उठा के दिखाओं बंबई कौन गया है यहा से
यह देखो....सब युवा बंबई जा रहे है....क्यो जा रहे है....यूपी में यहा किसी को
रोजगार नहीं है....क्या आपका हक नहीं है क्या कि आपको यूपी में रोजगार
मिलें....क्या आपका हक नहीं है यूपी में बिजली मिलें....क्या हक नहीं की आपके
बच्चों को शिक्षा मिलें....क्या आपको हक नहीं है कि आपके नेता आपके घरों में
आएं....देखे क्या हो रहा है नहीं होना चाहिए....क्या सिर्फ हवा में उड़ना चाहिए
इनको....आपकी जिम्मेदारी है कि आप ऐसे लोगो को चुनें जो गरीबी की बात करें आपके
बीच में आएं....और आपसे कहे....जानते है आप गंदा पानी पी रहे हो....जानते है आपके
यहां बिजली नहीं है....और हम कुछ करेंगे जो कर सकते है वो करेंगे.....दम लगाकर
करेंगे ऐसे नेता चाहिए आपको....अगर इस प्रदेश को बदलना है....22 साल आपने उनको
दिए....22 साल उत्तर प्रदेश के बर्बाद हुए....उत्तर प्रदेश के युवा के 22 साल बर्बाद
हुए है...5 साल आप हमको दीजिए....शुरुआत करके आपको दिखाते है आपको....10 साल दो
आपको जो आप दिल्ली में देखते हो....जो आप महाराष्ट्र में देखते हो आंध्रा में
देखते हो.....केरल में देखते हो....असम में देखते हो...जिस-जिस प्रदेश में हमारी
सरकारें है....वहा हम करते है वो हम यहा करके दिखाएंगे....यह राजनीति की बात नहीं
है....यह आपके भविष्य की बात है....आपके बच्चे के भविष्य की बात है....कुछ दिन
पहले बदायुं में था मैं एक लड़का 6 साल का उससे मैने पूछा बेटा क्या बात है वो
मुझे सड़क दिखा रहा था....दिखा रहा था घुमा रहा था बदायुं में मुझे....और मैने
उससे पूछा बेटा क्या करोगे....बड़े होगे क्या करोगे....मैने सोचा लोग खड़े इसलिए
शर्मा रहा है....फिर मैने उससे पूछा बड़े होगे बेटा क्या करोगे....कोई जवाब
नहीं...क्यों जवाब नहीं मिला क्योकि यूपी में 6 साल का बच्चा जानता है....कि उसे
रोजगार नहीं मिल सकता...क्योकि उसका भविष्य यहा नहीं बनेगा...6 साल का बच्चा जानता
है....कि अगर वो यूपी में पैदा हुआ है तो उसे या तो मुंबई में जाना पड़ेगा....या
दिल्ली में जाकर मजदूरी करनी पड़ेगी....मेट्रो पर....मेट्रो किसने बनाई दिल्ली
की.....जाओ दिल्ली में....रात में जाओं....पूरी दिल्ली सोती है यूपी का मजदूर जगता
है रात में....सड़क वो बनाता है....मेट्रो वो बनाता है....क्या वो मजदूर उस मेट्रो
पर चल सकता है क्या....टिकट खरीद सकता है....वो चलता है पैदल सूखी रोटी खाता
है.....दिल्ली के लिए चमकती हुई मेट्रो बनाता है.....बंबई की सड़के बनाते हो
आप.....पंजाब जाओ हरियाणा जाओ....पूछो उनसे किसानो से पूछो....कौन खेंतो में काम
करता है.....यूपी का मजदूर करता है....क्या है आपका हक नहीं है.....कि उत्तर
प्रदेश में विकास हो क्या पूरी जिंदगी आप यही करोगे...कभी महाराष्ट्रा में
जाओगे....कभी हरियाणा जाओगे.....कुछ दिन पहले लद्दाख गया वहा मुझे यूपी के लोग
मिलें....ठंड का समय था कांप रहे थे लोग....फटी हुई जॉकेट पहनी थी मैने पूछा भईया
क्या हुआ यहा क्या कर रहे है....उन्होने कहा भईया यूपी में रोजगार नहीं
मिलता....लद्दाख में काम कर रहे है.....मणिपुर जाओ.....मिजोरम जाओ....असम
जाओ...पूरे देश में आप काम करते हो....देश को आप आगे ले जाते हो.....मगर उत्तर
प्रदेश में आपके हाथ बांधे हुए थे....सरकार आती है भईया कहती है हम इस जात की
सरकार चलाएंगे...10 पर्सेट लोगो की सरकार चलाएंगे....फिर 10 पर्सेंट लोगो की सरकार
आती है....कहती है हम चलाएंगे....5 साल बाद आप उन्हें निकाल देते है....क्यो क्योकि
उत्तर प्रदेश की सरकार नहीं बनती है आपकी सरकार नहीं बनती है.....गरीबो की सरकार
नहीं बनते है....अब आप गरीबों की सरकार लाओ.....आम आदमी की सरकार बनाओं....मजदूरों
की सरकार.....गरीबों की सरकार बनाओं....और देखो हम क्या करते है....शक्ति की कोई
कमी नहीं है.....गांव में जाता हूं दिखाई देती है मुझे....सिर्फ हाथ बंधे है
आपके....22 साल से बंधे हुए है अब खोले इन्हें....बोलो खड़े हो जाओ और कहो....यूपी
खड़ी होगी अपने पैरों पर....बदल जाएंगा प्रदेश....भरोसा करो अपने आप पर....भरोसा
करो अपने प्रदेश में....हम खड़े है आपके साथ बदल ड़ालेंगे हम आपके प्रदेश को....आप
दूर-दूर से आएं और बहुत अच्छी तरह आपने मेरी बात सुनी....इसके लिए आप सबको
बहुत-बहुत धन्यवाद...चुनाव का समय है....आम आदमी की सरकार लाओं.....मजदूरों की
किसानों की....सरकरा लाओं और बदलों इस प्रदेश को....धन्यवाद....जय हिंद....
|